Anmol Suvichar | Hindi Shayari By Aalok Shrivastava | Hindi Quotes Picture | Suvichar Status

Anmol Suvichar Wallpaper In Hindi - Safalta Ke Safar Mein - Aalok Shrivastava
Anmol Suvichar Wallpaper In Hindi – Safalta Ke Safar Mein – Aalok Shrivastava

Anmol Suvichar Wallpaper In Hindi

सफलता के सफ़र में तो कहाँ फ़ुर्सत कि कुछ सोचें
मगर जब चोट लगती है मुक़द्दर याद आता है

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सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ।

सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ।
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया ॥
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ।
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया ॥

एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा ।
तीसरा नज़रें मिलाना, दिल दीवाना हो गया
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ॥

एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी ।
तीसरा तेरा मुस्कुराना, दिल दीवाना हो गया
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ॥

एक तो तेरे हाथ कोमल, दूसरा मेहँदी लगी ।
तीसरा मुरली बजाना, दिल दीवाना हो गया
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ॥

एक तो तेरे पाँव नाज़ुक, दूसरा पायल बंधी ।
तीसरा घुंगरू बजाना, दिल दीवाना हो गया
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ॥

एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन धरा ।
तीसरा खिचडे का खाना, दिल दीवाना हो गया
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ॥

एक तो तेरे साथ राधा दूसरा रुक्मण खड़ी ।
तीसरा मीरा का आना, दिल दीवाना हो गया
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ॥

एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे ।
तीसरा सपनों में आना, दिल दीवाना हो गया
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ॥

सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ॥

Bal Diwas Shayari, Children Day Par Shayari, Children Day Shayari, Bal Diwas Par Shayari


Bachon Ka Bachpan Shayari – Miss You Childhood Hindi Poetry Picture

प्रसिद्ध शायरों द्वारा लिखी बचपन,बच्चे, बच्चों विषय पर चुनिंदा 50 हिंदी शेर जोकि 2 लाइन्स में लिखे गए है. बचपन को याद करना जब हम रोजमर्रा की ज़िन्दगी में लोगो के छलकपट, झूठ, बेईमानी, स्वार्थीपन से गुजर रहे होते है तो हम सभी को बचपन की बहुत याद आती है जो सच में छल कपट और बनावट से दूर और मासूमियत से भरा होता है. जब हम रिश्ते सँभालने और रोज़ी रोटी कमाने और ज़िन्दगी के उतार चढ़ाव से गुजर रहे होते है तो दिल करता है की काश हम फिर से बच्चे बन जाये और बचपन में वापस पहुंच जाएँ. गरीब बचपन जिसमें कई बार माँ बाप अपने बच्चों को ठीक से 2 समय का भोजन भी नहीं करा पाते और बच्चों को उनकी पसंद के खिलोने तक दिला पाने में असमर्थ होते है ये सब भी आपको इन शेरो शायरी में मिलेगा. बचपन शायरी हिंदी में, बच्चों पर शायरी, बचपन की याद शायरी, बच्चे शायरी, बच्चा शायरी, चाइल्डहुड शायरी, बचपना शायरी, हिंदी में चाइल्डहुड पोएट्री, बचपन सुविचार हिंदी में, हिंदी सुविचार बचपन, हिंदी सुविचार बच्चों पर, गरीब बचपन शायरी, प्रसिद्ध शायरों की बचपन शायरी, फेमस पोएट चाइल्डहुड हिंदी शायरी, मिस यू बचपन Shayari, मिसिंग यू चाइल्डहुड हिंदी पोएट्री :

कितना आसान था बचपन में सुलाना हम को
नींद आ जाती थी परियों की कहानी सुन कर
भारत भूषण पन्त
Bachpan Mein Sulana Shayari, Neend Shayari, Pariyon Ki Kahani Poetry Wallpaper



कितना आसान था बचपन में सुलाना हम को
नींद आ जाती थी परियों की कहानी सुन कर
भारत भूषण पन्त
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अजब क्या है जो नौ-ख़ेज़ों ने सब से पहले जानें दीं
कि ये बच्चे हैं इन को जल्द सो जाने की आदत है
शिबली नोमानी
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पकड़ लो हाथ बनवारी नहीं तो डूब जाएंगे लिरिक्स

पकड़ लो हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएंगे,
हमारा कुछ ना बिगड़ेगा, तुम्हारी लाज जाएगी,
पकड़ लों हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएँगे,

धरी है पाप की गठरी, हमारे सर पे ये भारी,
वजन पापों का है भारी, इसे कैसे उठाएँगे,
पकड़ लों हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएँगे,

तुम्हारे ही भरोसे पर, ज़माना छोड़ बैठें हैं,
जमाने की तरफ देखो, इसे कैसे निभाएँगे,
पकड़ लों हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएँगे,

दर्दे दिल की कहें किससे, सहारा ना कोई देगा,
सुनोगे आप ही मोहन, और किसको सुनाऐंगे,
पकड़ लों हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएँगे,

फँसी है भँवर में नैया, प्रभु अब डूब जाएगी,
खिवैयाँ आप बन जाओ, तो बेड़ा पार हो जाये,
पकड़ लों हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएँगे,
पकड़ लों हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएँगे,
हमारा कुछ ना बिगड़ेगा, तुम्हारी लाज जाएगी,
पकड़ लों हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएँगे,


खाटू श्याम भजन – दया थोड़ी सी कर दो ना

दया थोड़ी सी कर दो ना,
मेरे दामन को भर दो ना,
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ,
तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
ओ श्याम मेरे श्याम,

प्रभु मुझ पे कृपा कर दे,
तू तो ममता की मूरत है,
मैं प्यासा हूँ तू सागर है,
मुझे तेरी ज़रूरत है
दया की बून्द बरसाओ,
मुझे ना और तरसाओ
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ
तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो ना,
मेरे दामन को भर दो ना।

सभी का बन गया मैं,
पर कोई मेरा न बन पाया
बड़ी ही आस लेकर के,
तुम्हारे दर पे मैं आया
तुम्ही तो हो मेरी हिम्मत,
तेरे बिन क्या मेरी कीमत
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ,
तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो ना,
मेरे दामन को भर दो ना।

मेरे हालात पे माधव,
हर कोई तंज कसता है
तड़पता देख कर मुझको,
ज़मान खूब हँसता है
ये दुनिया लाज की दुश्मन,
दुखाती है ये मेरा मन
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ,
तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो ना,
मेरे दामन को भर दो ना।

दुखों की रात है तो क्या,
सुख का सूरज भी निकलेगा
देख कर के मेरे आंसू,
श्याम तेरा दिल पिघलेगा
हलक पे जान है मेरी,
दया का दान दे दे रे
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ
तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो ना,
मेरे दामन को भर दो ना।

Daya Thodi Si Kar Do Na Mere Daaman Ko Bhar Do Na – Shyam bhajan, Singer – Nisha Dwivedi