स्वयं में बहुत सी कमियों के बावजूद यदि मैं स्वयं से प्रेम कर सकता हूँ तो फिर दूसरों में थोड़ी बहुत कमियों की वजह से उनसे घृणा कैसे कर सकता हूँ I

Suvichar in Hindi, Suvichar for Facebook
स्वयं में बहुत सी कमियों के बावजूद यदि मैं स्वयं से प्रेम कर सकता हूँ तो फिर दूसरों में थोड़ी बहुत कमियों की वजह से उनसे घृणा कैसे कर सकता हूँ I 

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