Sai Sai Jap Bande Kyun Bhakti Se Mukh Moda Hai Kar Le Sai Ki Bhakti Reh Gaya Yeh Jeevan Thoda Hai




साईं साईं जप बंदे, क्यूं भक्ति से मुख मोड़ा है |
कर ले साईं की भक्ति, रह गया यह जीवन थोडा है ||

चार दिन की बाकी है बंदे तेरी कहानी, सपनो से जागेगी कब तक तेरी जवानी |
जप साईं का नाम रे बन जायेगे काम रे, एक बार जप ले एक बार ||
उसकी कश्ती पार हुई, जिस ने भी नाता जोड़ा है |
कर ले साईं की भक्ति, रह गया यह जीवन थोडा है ||

मोह माया के बंधन भक्ति ना करने देंगे, संतो की संगति में चौंकी न भरने देंगे |
पल पल बीता जाए रे, यूँ ही समय गवाए रे, एक बार, जप ले एक बार ||
सिर पे आके काल खड़ा, इसे साईं ने ही मोड़ा है |
कर ले साईं की भक्ति, रह गया यह जीवन थोडा है ||

साईं जी की आखों में भक्ति का है खजाना, जिस ने भी की भक्ति उसपर ही लुटाना |
साईं राम गा ले रे, साईं श्याम पा ले, एक बार जप के एक बार ||
कमलिन तेरे चरणों से साईं जी नाता जोड़ा है |
कर ले साईं की भक्ति, रह गया यह जीवन थोडा है ||





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